ज़ाकिर नाइक को जवाब
ज़ाकिर भाई के ज़िक्र ने वाजिद भाई को पाने के बजाय खो दिया कितना अच्छा होता कि वाजिद भाई को ये कह कर ज़लील न
ज़ाकिर भाई के ज़िक्र ने वाजिद भाई को पाने के बजाय खो दिया कितना अच्छा होता कि वाजिद भाई को ये कह कर ज़लील न
दो या दो से ज़्यादा समझदार लोगों का एक साथ रहते हुए रायों में इख़्तिलाफ़ होना उतना ही फ़ितरी है जितना की अल्लाह की इस
बेहतरीन औलाद वो है जो माँ-बाप का इतना एहतिराम करे कि उनके सामने उफ़्फ़ तक न कहे। (क़ुरआन) और बेहतरीन माँ-बाप वो हैं जो अपनी

क़ुरआन को किताबी शक्ल में नहीं अमली शक्ल में पेश करने का वक़्त है क़ुरआन मजीद को लोगों के हाथों में पहुँचा देना या उनके
अफ़राद के हाथों में है अक़वाम की तक़दीर। हर फ़र्द है मिल्लत के मुक़द्दर का सितारा।। शायद तुम्हें मालूम नहीं है कि तुम्हारी क़ौम किस