Kirdar ki khushbu ko phailney sey roka nahi ja sakta
किरदार की ख़ुशबू को फैलने से रोका नहीं जा सकता — — — रसूलुल्लाह (सल्ल०) का उसवा (नमूनाए-ज़िन्दगी) हमें ये बताता है कि लोग शिर्क
किरदार की ख़ुशबू को फैलने से रोका नहीं जा सकता — — — रसूलुल्लाह (सल्ल०) का उसवा (नमूनाए-ज़िन्दगी) हमें ये बताता है कि लोग शिर्क
इक़बाल : सफ़ें कज, दिल परीशाँ सजदा बे-ज़ौक़ — — — सफ़ें कज, दिल परीशाँ सजदा बे-ज़ौक़।के जज़्बे-अन्दरूँ बाक़ी नहीं है।। दूसरे मिसरे के बारे