Garohbandi Allah ka Azab hai
गरोह-बन्दी अल्लाह का अज़ाब है —— क़ुरआन मजीद की सूरा अनआम आयत-65 में अल्लाह फ़रमाता है قُلۡ ہُوَ الۡقَادِرُ عَلٰۤی اَنۡ یَّبۡعَثَ عَلَیۡکُمۡ عَذَابًا مِّنۡ
गरोह-बन्दी अल्लाह का अज़ाब है —— क़ुरआन मजीद की सूरा अनआम आयत-65 में अल्लाह फ़रमाता है قُلۡ ہُوَ الۡقَادِرُ عَلٰۤی اَنۡ یَّبۡعَثَ عَلَیۡکُمۡ عَذَابًا مِّنۡ
हदीस : हाफ़िज़े-क़ुरआन या आमिले-क़ुरआन — — — रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जिस शख़्स ने क़ुरआन पढ़ा और उसके मुताबिक़ अमल किया तो क़ियामत

रसूलुल्लाह (सल्ल०) ने फ़रमायाा : बुरा है वो बन्दा जो तकब्बुर करे और इतराए और अल्लाह बुज़ुर्ग व बरतर को भूल जाए; और बुरा है
हदीसे-रसूल (सल्ल०) प्यारे नबी (सल्ल०) ने फ़रमाया: हर मुसलमान पर सदक़ा है। लोगों ने पूछा : ऐ अल्लाह के नबी, जिसके पास कुछ न हो?