
Khaire Ummat
मुसलमानों की सबसे बड़ी ख़ूबी उनका एक बा-मक़सद ‘उम्मत’ और ‘ख़ैरे-उम्मत’ होना है, न कि दूसरी क़ौमों की तरह महज़ एक क़ौम होना। जब तक

मुसलमानों की सबसे बड़ी ख़ूबी उनका एक बा-मक़सद ‘उम्मत’ और ‘ख़ैरे-उम्मत’ होना है, न कि दूसरी क़ौमों की तरह महज़ एक क़ौम होना। जब तक