इस्लाम में ख़वातीन की शिरकत
ख़वातीन को जब तक मआशरे की इस्लाह और तामीर में शरीक न किया जाएगा तब तक कोई भी समाज तरक़्क़ी नहीं कर सकता। जाहिलीयत के
ख़वातीन को जब तक मआशरे की इस्लाह और तामीर में शरीक न किया जाएगा तब तक कोई भी समाज तरक़्क़ी नहीं कर सकता। जाहिलीयत के
प्यारी बहनो! हमारे समाज में महिलाओं के साथ जो अत्याचार हो रहा है, उनका जो sexual harassment (यौन शोषण) हो रहा है इसका गम्भीरता के