रमज़ान महीना है सब्र का
हदीस में आता है कि रमज़ान सब्र का महीना है। (नसाई : 2410) और सब्र का बदला जन्नत है। सब्र वो ख़ूबी है जिसके बग़ैर
हदीस में आता है कि रमज़ान सब्र का महीना है। (नसाई : 2410) और सब्र का बदला जन्नत है। सब्र वो ख़ूबी है जिसके बग़ैर
क़ुरआन में जहाँ रोज़े का मक़सद तक़वा हासिल करना बताया है वहीँ इस माह में जो हिदायत-नाम (क़ुरआन) नाज़िल किया गया उसकी हिकमत बताते हुए
जिस तरह ज़मीन को कामयाब और बेहतरीन बनाने के लिए उसे झाड़-झंकाड़ से पाक किया जाता है, ये ज़मीन का तज़किया है। जिस
किसी भी शख़्स को कोई काम इसलिए सिखाया जाता है कि वह उसे महारत (Perfection) के साथ कर सके। बच्चे को साइकल चलानी इसलिए
रमज़ान के मुबारक महीने में हासिल करने के लिए दो चीज़ें हैं। एक तो ये कि हम तिलावते-क़ुरआन और नवाफ़िल के ज़रिए सवाब हासिल करें।
अलहम्दुलिल्लाह रमज़ान का मुबारक महीना हमारे ऊपर साया-फ़िगन हो चुका है। आइये अहद करते हैं कि हम इस महीने के आख़िर तक अपने अन्दर कुछ