ख़ुशगवारियाँ
कितनी ख़ुशगवारियाँ पैदा हो जाएँ मियाँ-बीवी के रिश्ते में जबकि- बीवी अपने शौहर के लिये ज़मीन बन जाए और शौहर अपनी बीवी के लिये आसमान!
कितनी ख़ुशगवारियाँ पैदा हो जाएँ मियाँ-बीवी के रिश्ते में जबकि- बीवी अपने शौहर के लिये ज़मीन बन जाए और शौहर अपनी बीवी के लिये आसमान!
बेहतरीन औलाद वो है जो माँ-बाप का इतना एहतिराम करे कि उनके सामने उफ़्फ़ तक न कहे। (क़ुरआन) और बेहतरीन माँ-बाप वो हैं जो अपनी
प्यारी बहनो! हमारे समाज में महिलाओं के साथ जो अत्याचार हो रहा है, उनका जो sexual harassment (यौन शोषण) हो रहा है इसका गम्भीरता के
“आपसे जब इस्लामी तहज़ीब के बारे में सवाल किया जाता है तो आप झट से आगरे के ताजमहल की तरफ़ इशारा कर देते हैं मानो