जिस्म की ज़कात
जिस तरह ज़मीन को कामयाब और बेहतरीन बनाने के लिए उसे झाड़-झंकाड़ से पाक किया जाता है, ये ज़मीन का तज़किया है। जिस
जिस तरह ज़मीन को कामयाब और बेहतरीन बनाने के लिए उसे झाड़-झंकाड़ से पाक किया जाता है, ये ज़मीन का तज़किया है। जिस
किसी भी शख़्स को कोई काम इसलिए सिखाया जाता है कि वह उसे महारत (Perfection) के साथ कर सके। बच्चे को साइकल चलानी इसलिए
रमज़ान के मुबारक महीने में हासिल करने के लिए दो चीज़ें हैं। एक तो ये कि हम तिलावते-क़ुरआन और नवाफ़िल के ज़रिए सवाब हासिल करें।
इस्लाम के लिए रुकावट की एक वजह हमारी कट्टर और बेरूह धार्मिकता है, जिसे आजकल इस्लाम समझा जा रहा है। इस बेरूह दीन का पहला
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल०) ने फ़रमाया: बन्दा ख़ुदा के सबसे ज़्यादा क़रीब उस वक़्त होता है जब वो (नमाज़ की हालत में) सजदे में होता है.
महब्बत का उसूल है कि जिस किसी से जितनी ज़्यादा मुहब्बत होगी उससे उतना ही ज़्यादा ख़ौफ़ और डर भी होगा, इसीलिए अल्लाह ने ईमान
दोस्तो, यूँ तो तमाम मज़ाहिब में अच्छी-अच्छी बातें ही हैं, लेकिन किसी भी मज़हब की असल पहचान उसका अक़ीदा और उसमें पाए जाने इबादत के
बेटे! इल्म इसलिये हासिल न करो कि उसके ज़रिए आलिमों पर फ़ख़्र करो और जाहिलों और बेवक़ूफ़ों से झगड़ते फिरो और महफ़िलों में अपने आप
दीन कहते हैं एक ऐसे निज़ामे-ज़िन्दगी को जिसमें ज़मामे-इक़्तिदार के तहत नज़्म-व-नस्क़ हो, जज़ा और सज़ा हो, फ़ैसले और उनका निफ़ाज़ हो। दीन कहते हैं
ख़वातीन को जब तक मआशरे की इस्लाह और तामीर में शरीक न किया जाएगा तब तक कोई भी समाज तरक़्क़ी नहीं कर सकता। जाहिलीयत के