गरोह-बन्दी अल्लाह का अज़ाब है ------ क़ुरआन मजीद की सूरा अनआम आयत-65 में अल्लाह फ़रमाता है قُلۡ ہُوَ الۡقَادِرُ عَلٰۤی اَنۡ یَّبۡعَثَ عَلَیۡکُمۡ عَذَابًا مِّنۡ فَوۡقِکُمۡ اَوۡ مِنۡ تَحۡتِ اَرۡجُلِکُمۡ اَوۡ یَلۡبِسَکُمۡ شِیَعًا وَّ یُذِیۡقَ بَعۡضَکُمۡ بَاۡسَ بَعۡضٍ ؕ اُنۡظُرۡ کَیۡفَ نُصَرِّفُ الۡاٰیٰتِ لَعَلَّہُمۡ یَفۡقَہُوۡنَ कहो : वो इसकी क़ुदरत...
Hafize-Quran ya Aamile-Quran
हदीस : हाफ़िज़े-क़ुरआन या आमिले-क़ुरआन --- --- --- रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जिस शख़्स ने क़ुरआन पढ़ा और उसके मुताबिक़ अमल किया तो क़ियामत के दिन उसके माँ-बाप को एक ताज पहनाया जाएगा जिसकी रौशनी तुम्हारे दुनिया के घरों में चमकने वाले सूरज की रौशनी से ज़्यादा अच्छी होगी।...
Dua
हदीस : दुआ --- --- --- ऐ अल्लाह! मैं ग़ैब और हाज़िर में तुझ से कलिमाए-हक़ का सवाल करता हूँ। मैं ग़रीबी और मालदारी में तुझ से बीच की ज़िन्दगी का सवाल करता हूँ। मैं ख़त्म न होने वाली नेमतों का तुझ से सवाल करता हूँ। मैं ख़त्म न होने...
Musalman kya hain aur Kya hona chahiye
मुसलमान क्या हैं और क्या होना चाहिये --- --- --- हक़ीक़त ये है कि मौजूदा हालात मुसलमानों की कुछ इस तरह की तस्वीर पेश कर रहे हैं कि हम बेसिकली (बुनियादी तौर पर) इतने कमज़ोर हैं कि वक़्त से पहले ख़बरदार होते ही नहीं हैं, कोई ख़बरदार करे तब भी...
Naujawanon aur Ulama k beech ham-aahangi
नौजवानों और उलमा के बीच हम-आहंगी --- --- --- मुसलमानों की बदतर सूरते-हाल के लिये जो बातें ज़िम्मेदार हैं उनमें से एक ये भी है कि मुस्लिम नौजवानों और उलमा व दानिशवरों के दरम्यान हम-आहंगी पैदा नहीं हो पा रही है। एक मसला तो मुस्लिम नौजवानों के साथ है और...
Millat mein Ittehad ki kam se kam shakl
मिल्लत में इत्तिहाद की कम से कम शक्ल --- --- --- क्या इन्कारे-हदीस का ढोल पीटते रहने से और दूसरी जमाअतों और शख़्सियतों को ग़लत ठहराने से, हम इस्लाम की कोई पॉज़िटिव ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं? मिल्लत में इत्तिहाद की कम से कम शक्ल इंसान की ज़िन्दगी में बहुत-से...
Amn ki Dawat kab tak
अमन की दावत कब तक --- --- --- लोगों को भलाई की तरफ़ बुलाने और बुराई से रोकने का काम उस वक़्त तक जारी रहना चाहिए जब तक कि सुननेवाले कान और सोचने-समझनेवाले दिल मौजूद हों और हक़ की क़बूलियत की किसी भी सूरत में बहुत थोड़ी सी भी उम्मीद...
Kirdar ki khushbu ko phailney sey roka nahi ja sakta
किरदार की ख़ुशबू को फैलने से रोका नहीं जा सकता --- --- --- रसूलुल्लाह (सल्ल०) का उसवा (नमूनाए-ज़िन्दगी) हमें ये बताता है कि लोग शिर्क की गन्दगी में लिप्त थे, ज़ुल्म व बरबरियत का चारों तरफ़ बाज़ार गर्म था लेकिन आपने उन्ही के दरम्यान रहकर सब्र और हिकमत के साथ...
Muhammad (sl) ki Seerat sey mutalliq
मुहम्मद (सल्ल०) की सीरत से मुताल्लिक़ कुछ ज़रूरी बातें--- --- --- इस्लाम की नेमत हर ज़माने में इन्सान को दो ही ज़रिओं से पहुँची है। एक अल्लाह का कलाम दूसरे अंबिया (अलैहि०) की शख़्सियतें, जिनको अल्लाह ने न सिर्फ़ अपने कलाम की तबलीग़ व तालीम और तफ़हीम का वास्ता बनाया,...
Pyarey Nabi k Pyarey Sathi
प्यारे नबी के प्यारे साथी --- --- --- प्यारे नबी (सल्ल) ने अपने साथियों को निरा सूफ़ी और दरवेश नहीं बनाया, इन्हें राहिबों और जोगियों के साँचे में नहीं ढाला, जो समाज और समाजी ज़िन्दगी से भागकर ग़ारों और खोहों में पनाह ले लेते हैं। बल्कि उन्हें जरी और बेबाक,...
