इक अजनबी के हाथ में दे कर हमारा हाथ।
लो साथ छोड़ने लगा आख़िर ये साल भी।।
दोस्तो! ज़िन्दगी के पेड़ से एक और पत्ता गिर कर ढेर में गुम हो गया है। ज़माने की गर्दिश में से इक और साल गुज़र कर तारीख़ का हिस्सा बनने जा रहा है और हम एक मर्तबा फिर किसी अजनबी से साल की देहलीज़ पर क़दम रखने जा रहे हैं।
फिर नए साल की सरहद पे खड़े हैं हम लोग।
राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी।।
दोस्तो! हर गुज़रता हुआ साल हमें अपने अतीत की राख में छुपे सबक़ तलाशने का मौक़ा देता है। यह लम्हा सोचने का है। क्या हम इस गुज़रे हुए साल को अपने मक़सद की कामयाबियों का गवाह बना सके? या ये भी उन्हीं सालों की तरह बनकर रह गया जो सिर्फ़ तारीख़ों में याद किये जाते हैं।
आम तौर से नया साल राग-रंग और मस्ती के साथ मनाया जाता है, लेकिन क्या कभी हमने यह सोचा है कि ये मस्ती हमारी ज़िन्दगी को बेहतर बनाने में कितनी मददगार हो सकती है? कहीं ऐसा तो नहीं कि इस जश्न में हम ये भी भूल गए हों कि हमारी ज़िन्दगी का एक और साल कम हो गया है।
उम्र जो भी बढ़ती है और घटती जाती है।
साँस जो भी आता है लाश बनके जाता है।।
दोस्तो! नया साल सिर्फ़ तारीख़ बदलने का नाम नहीं, बल्कि नए इरादों और उम्मीदों का आग़ाज़ है। ये वो वक़्त है जब हम अपने अतीत से सीखकर, अपनी कमज़ोरियों को समझकर, एक बेहतर कल के लिये ख़ुद को तैयार करें कि:
सितारों से आगे जहाँ और भी हैं।
अभी इश्क़ के इम्तिहान और भी हैं।।
याद रखें दोस्तो, नए साल का सही इस्तिक़बाल वही लोग कर सकते हैं जो हर साँस को क़ीमती समझते हैं और हर क़दम को सँभाल कर रखते हैं।
हर एक साँस नया साल बन के आता है।
क़दम क़दम अभी बाक़ी है इम्तिहाँ मेरा।।
दोस्तो! ज़िन्दगी का हर लम्हा एक अनमोल तोहफ़ा है, जिसे हम अक्सर नज़र-अन्दाज़ कर देते हैं। नया साल हमें बताता है कि हर दिन, हर पल एक नया मौक़ा है। ज़िन्दगी के सफ़र में यही छोटे-छोटे क़दम हमें मंज़िल तक ले जाते हैं। अगर हम अपनी ज़िन्दगी और अपने समाज में बेहतरी लाने की कोशिश करते हैं और समाज में एक पॉज़िटिव तब्दीली का हौसला पैदा करते हैं तो ये समझ लीजिये कि ज़िन्दगी का हर साँस जश्न बन जाएगा।
आइये, इस नए साल में अपने मक़सद की तरफ़ बढ़ें, अपनी ज़िन्दगी को नई रौशनी से मुनव्वर करें। दुआ करें कि ये साल हमारे लिये, हमारे समाज के लिये, और पूरी दुनिया के लिए बेहतरी का पैग़ाम लेकर आए। नए साल का सही इस्तक़बाल यही है कि हम अपनी ज़िन्दगी को बेहतरी की तरफ़ ले जाएँ और हर दिन कुछ नया सीखने का इरादा बनाएँ। हर पल की क़द्र करें, और दूसरों के लिए एक बेहतर इंसान बनने की कोशिश करें।
लोग कहते हैं बदलता है ज़माना सबको।
मर्द वो हैं जो ज़माने को बदल देते हैं।।